About me
मेरा नाम ऋचा झा है। मैंने हिंदी से ग्रेजुएशन किया हुआ है। मुझे लिखने का बहुत शौक है, इसलिए मैंने ब्लॉगिंग को चुना है।मैं अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आप सभी को कहानियां, कविताएं भगवद्गीता, भगवान के बारे में, पूजा पाठ, बहुत सारी रेसिपी बनाने की विधि, योग और आयुर्वेद की जानकारियां और बहुत कुछ बताऊंगी।
नाम : ऋचा झा
ईमेल आईडी : rjha25031978@gmail.com
शहर का नाम : दिल्ली एनसीआर ग्रेटर नोएडा
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श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 6 से लिया गया श्लोक संख्या 38
कच्चिन्नोभयविभ्रष्टश्छिन्नाभ्रमिव नश्यति । अप्रतिष्ठो महाबाहो विमूढो ब्रम्हण: पथि ।।38।। अनुवाद श्रील प्रभुपाद के द्वारा : हे मह...
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दोहा : निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करें सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान।। अर्थ : जो कोई भी राम भक्त...
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* बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुं लोक भयो अंधियारो, ताहि सो त्रास भयो जग को यह संकट काहु सो जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब छ...
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कर्मा बाई कौन थी ये जानने के लिए मेरे पुराने पोस्ट को पढ़ें * ये घटना लगभग चार सौ साल पुरानी है। कर्मा बाई जो कि भगव...